10वीं के बाद क्या करें? ये 5 रास्ते है आपके पास

10वीं कक्षा सभी विद्यार्थी और उनके माता-पिता या अभिभावक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं. ज्यादातर विद्यार्थी 10वीं पास करने के बाद ही अपने करियर के प्रति गंभीर होते हैं. उनके दिमाग में ज्यादातर यही घूमता रहता है कि 10वीं के बाद क्या करें? 10वीं के बाद कौन सा स्ट्रीम चुनें? दसवीं के बाद कौन सा सब्जेक्ट लें? अगर वह 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई नही करना चाहता है तो, दसवीं के बाद कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए? के बजाय दसवीं के बाद जॉब के बारे में सोचने लगता है.

10वीं के बाद क्या करना हैं?

10वीं

बहुत सारे विद्यार्थी और उनके माता-पिता या अभिभावक 10वीं के बाद कई सारी गलतियां करते हैं. ये गलतियां कभी सही करियर चुनने को लेकर होती हैं. तो वहीं कभी अच्छे कॉलेज को चुनने को लेकर. 10वीं के बाद की जानी वाली इन गलतियों को जानना और उनसे बचना बहुत जरूरी है.

आप अगर 10वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों से पूछें की 10वीं के बाद क्या करना हैं? तो उनमें से ज्यादातर विद्यार्थी बताएंगे के इंटर (11वीं और 12वीं). 10वीं के बाद इंटर करना यकीनन एक बहुत ही अच्छा फैसला है.

कोई विद्यार्थी अगर किसी कारणवश (पैसे या समय की दिक्कत) इंटर नहीं करना चाहता है या नहीं कर पा रहा है तो क्या उसके लिए कोई और रास्ता है? क्या आपको वो रास्ते पता है? अगर नही पाता है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें, आप कई रास्ते जान जाएंगे. आपको अगर मालूम भी है, फिर भी इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा पढ़े। इससे आपके मालूमात में इजाफा होगा, कुछ नया जानने को मिलेगा और सबसे बढ़कर ये के इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आपको ये क्लियर हो जाएगा के 10वीं के बाद क्या करें?

1. विज्ञान वर्ग (SCIENCE)

10वीं

इंटर में साइंस लेकर पढ़ने को बहुत अहम माना जाता है. ज्यादातर विद्यार्थी भी साइंस को ही पसंद करते हैं. विद्यार्थी से ज्यादा उनके माता-पिता या अभिभावक चाहते है कि उनका बच्चा साइंस से इंटर करें.

साइंस से इंटर करने का एक बहुत बड़ा फायदा ये होता है कि आप चाहे तो स्नातक (graduation) में अपना स्ट्रीम बदल सकते हैं. जैसे आपने इंटर साइंस स्ट्रीम से की है लेकिन आप चाहते है कि ग्रेजुएशन आप आर्ट्स या कॉमर्स से करें. तो ऐसा आप आसानी से कर सकते है. साइंस के अलावा किसी और स्ट्रीम में ये सुविधा उपलब्ध नहीं है.

इंटर में साइंस लेकर पढ़ने से कई सारे अच्छे करियर के दरवाजे खुलते हैं. जिनमें पैसा और इज्जत दोनों खूब मिलती हैं. ये कुछ प्रमुख करियर विकल्प है :

  • डॉक्टर (DOCTOR)
  • इंजीनियर (ENGINEER)
  • आईटी (IT)
  • शोध (RESEARCH)
  • एविएशन (AVINATION)
  • मर्चेंट नेवी (MEARCHENT NAVY)
  • फॉरेंसिक साइंस (FORENSICS SCIENCE)
  • एथिकल हैकिंग (ETHICAL HACKING)

आप का सपना अगर डॉक्टर या इंजीनियर बनना है तो आप ज्यादा ये न सोचें के 10वीं के बाद क्या करें? बल्कि इंटर में साइंस लेलें.

साइंस स्ट्रीम मुख्यत: दो भागों में बटा हुआ है:

  1. मेडिकल (PHYSICS, CHEMISTRY, BIOLOGY )
  2. नॉन-मेडिकल (PHYSICS, CHEMISTRY, MATHEMATICS )

फिजिक्स (PHY) और केमिस्ट्री (CHEM) दोनों में कॉमन होते हैं. नॉन-मेडिकल (PCM) में फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ गणित (mathematics) होता है. जबकि मेडिकल (PCB) में फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ जीव विज्ञान (BIOLOGY) होता है. आप मेडिकल (PCB) में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ-साथ मैथमेटिक्स (PCB-M) भी पढ़ सकते हैं.

मेडिकल (PCB) और नॉन-मेडिकल (PCM) दोनों के साथ अंग्रेजी (ENGLISH) अनिवार्य भाषा के तौर पर होता है. इन सबके अलावा आपको एक ऐक्छिक विषय (OPTIONAL SUBJECT) भी चुनना होता है. ऑप्शनल सब्जेक्ट में हिंदी, उर्दू , कंप्यूटर साइंस, आदि होते हैं. ये ऑप्शनल सब्जेक्ट अलग-अलग बोर्ड के अनुसार अलग-अलग भी हो सकती है.

2. वाणीज्य वर्ग (COMMERCE)

 साइंस के बाद सबसे ज्यादा मशहूर स्ट्रीम कॉमर्स ही है. आपका अगर व्यापार (business) वाला माइंडसेट है, आपको हिसाब-किताब (accounting) करने में मजा आता है, अर्थशास्त्र (economics) आदि पढ़ने में मन लगता है तो ये स्ट्रीम आपके लिए उपयुक्त है.

ये निम्नलिखित करियर विकल्प होते है:

  • अकाउंटेंट (ACCOUNTANT)
  • कंपनी सेक्रेटरी (COMPANY SECRETARY)
  • एमबीए (MBA)
  • फाइनेंशियल प्लानर (FINANCIAL PLANNER)
  • मैनेजमेंट अकाउंटिंग (MEARCHENT ACCOUNTING)
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)
  • एक्चुअरीज (ACAUTIES)

इंटर में कॉमर्स लेकर पढ़ने वाले विद्यार्थी ग्रेजुएशन में अपना स्ट्रीम कॉमर्स से आर्ट्स में बदल सकते हैं. लेकिन वो साइंस स्ट्रीम नहीं ले सकते हैं.

आप से अगर कोई पूछे की CA बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? तो आप उसे बताए के आप के लिए इंटर कॉमर्स से करना बेहतर होगा.

कॉमर्स से इंटर करने के लिए आपको ये सब विषय पढ़ने होते हैं:

  • अकाउंटेंसी (ACCOUNTANCY)
  • बिजनेस स्टडीज (BUSINESS STUDIES)
  • इकोनॉमिक्स (ECONOMICS)
  • इंग्लिश (ENGLISH)
  • इनफार्मेशन प्रैक्टिसेज/ मैथमेटिक्स (INFORMATION PRACTICES/ MATHEMATICS)

3. कला वर्ग  (ARTS/ HUMANITIES)

आर्ट्स को लेकर कुछ लोगों की ये धारणा है कि जो विद्यार्थी पढ़ने में कमजोर होते हैं, जिनके अंक (marks) परीक्षा में कम आते हैं, वही विद्यार्थी आर्ट्स लेकर पढ़ते हैं. पर ये धारणा गलत है. बहुत से विद्यार्थी जो पढ़ने में अच्छे होते हैं, परीक्षा में अच्छे अंक भी लाते हैं. वह भी इस स्ट्रीम को चुनने में रुचि रखते हैं.

जो विद्यार्थी सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं, उनके लिए आर्ट्स बहुत उपयोगी है. क्योंकि ज्यादातर जो सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा (competitive exams) होते हैं, जैसे UPSC, SSCBPSC, आदि. इनके पाठ्यक्रम (syllabus) में ज्यादातर आर्ट्स स्ट्रीम के ही टॉपिक होते हैं.

IAS बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? तो इंटर में आर्ट्स स्ट्रीम ज्यादा मददगार होगी.

सरकारी नौकरी पाने के अलावा भी आर्ट्स स्ट्रीम में कई सारे करियर विकल्प (career options) है. जिनमें से कुछ प्रमुख हैं :

  • पत्रकार (JOURNALIST)
  • ग्राफिक डिजाइनर (GRAPHIC DESIGNER)
  • वकील (LAWER)
  • इवेंट मैनेजर (EVENT MANAGER)
  • शिक्षक (TEACHER)
  • एनिमेटर(ANIMATOR)

आर्ट्स स्ट्रीम से इंटर करने में एक दिक्कत ये आती है की आप अगर ग्रेजुएशन में अपना स्ट्रीम बदलना चाहते है तो नहीं बदल पाएंगे.

आर्ट्स स्ट्रीम के 11वीं और 12वीं में ये सब विषय होते हैं:

  • इतिहास (HISTORY)
  • पॉलिटिकल साइंस (POLTICAL SCIENCE)
  • सोशियोलॉजी (SOCIOLOGY)
  • इकोनॉमिक्स (ECONOMICS)
  • ज्योग्राफी (GEOGRAPHY)
  • साइकोलॉजी (PSYCHOLOGY)
  • अंग्रेजी (ENGLISH)
  • क्षेत्रीय भाषा (REGIONAL LANGUAGE)

4. पॉलीटेक्निक (POLYTECHNIC) 

10वीं के बाद अगर आप इंटर नहीं करना चाहते हैं तो, आप पॉलीटेक्निक कोर्स कर सकते हैं.

पॉलीटेक्निक कोर्स की अवधि (duration) 3 साल होती है. चूंकि ये टेक्निकल कोर्स होते है, इसलिए इसे करने के बाद जॉब मिलने की अधिक संभावना रहती है.

जल्द इंजीनियर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? तो पॉलीटेक्निक बेस्ट रहेगा.

ये कुछ प्रमुख पॉलीटेक्निक कोर्स है, जिसे आप 10वीं के बाद कर सकते है:

  • डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन केमिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इंस्ट्रूमेंटेशन टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

5. आईटीआई (ITI) 

10वीं के बाद आप अगर तुरंत जॉब पाना चाहते है तो ITI कोर्स कर सकते हैं. आईटीआई कोर्स की अवधि 1 साल से 3 साल तक होती हैं. 3 साल का सिर्फ एक ही कोर्स है, बाकी कोर्स 1 साल से 2 साल का ही है.

ITI का फुल फॉर्म Industrial Training Institutes होता है.

आईटीआई कोर्स करने वाले विद्यार्थी को ट्रेनी (trainee) कहा जाता है.

विदेश में जॉब पाने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? तो ITI कोर्स करना बहुत बेहतर रहेगा.

ये कुछ प्रमुख ITI कोर्स है, जिसे आप 10वीं के बाद कर सकते है :

क्रमांक कोर्स अवधि
1. पंप ऑपरेटर 1 साल
2. फिटर इंजीनियरिंग 2 साल
3. टूल एंड डाई मेकर इंजीनियरिंग 3 साल
4. मैन्युफैक्चर फूट वियर 1 साल
5. रेफ्रिजरेशन इंजीनियरिंग 1 साल
6. फ्रूट एंड वेजिटेबल प्रोसेसिंग 1 साल
7. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 1 साल

Leave a Comment