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Tata Projects Ltd: टाटा कंपनी को मिला नए संसद भवन के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट

861.9 करोड़ रूपए की लागत के साथ नए संसद भवन का निर्माण 21 महीनों में पूरा किया जाएगा

संसद भवन की बिल्डिंग काफी पुरानी हो गयी है और इसलिए इस भवन की ईमारत की सुरक्षा को मद्द्नज़र रखते हुए इसको दोबारा बनाने का फैसला लिया है। हाल ही में पता चला है कि नए संसद भवन को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड(Tata Projects Ltd) को मिल गया है | बता दें सीपीडब्ल्यूडी(CPWD) के अनुसार नयी बिल्डिंग बनाने के लिए वित्तीय बोली जमा करने के लिए तीन कम्पनियाँ शामिल थी जिसमें से टाटा कंपनी और एलएंडटी(L&T) कंपनी भी शामिल थी और इसके लिए बोली लगाई थी, लेकिन टाटा कंपनी ने यह कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया है | टाटा प्रोजेक्ट्स(Tata projects) ने इसके लिए 861.9 करोड़ रूपए की बोली लगाई थी और कंपनी इतने लागत में ही संसद की नयी बिल्डिंग बनाएगी | ऐसा माना जा रहा है कि नए संसद भवन का निर्माण 21 महीनों में पूरा हो जायेगा, ये पूरा प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा रीडेवेलोप्मेन्ट प्लान (Central Vista redevelopment plan) के तहत किया जायेगा |

पुराने संसद भवन का उपयोग अन्य कामकाज के लिए किया जायेगा

सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट(CPWD) ने कहा कि नए संसद भवन के बनने तक मौजूदा संसद भवन में ही सारे कार्य किये जायेंगे | संसद की नयी बिल्डिंग संसद भवन की संपत्ति के प्लाट संख्या 118 पर बनेगी | इस भवन में कम से कम 1400 सांसदों के लिए जगह होगी क्योंकि राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए संख्या को मद्दे नजर रखते हुए इस इमारत को भव्य बनाया जायेगा | नयी इमारत बन जाने के बाद पुराने संसद भवन को अन्य कामकाज के लिए लिया जायेगा | सीपीडब्ल्यूडी(CPWD) के अनुसार नयी ईमारत की संरचना सीमेंट(cement) और कंक्रीट(concrete) की सहायता से की जाएगी और इसके स्तम्भ पुराने भवन की तरह ही जमीन से लगभग 1.8 मीटर ऊपर रहेंगे |

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नए संसद भवन का कुल क्षेत्रफल करीब 65 हजार वर्ग मीटर का होगा

टाटा के एक अधिकारी के मुताबिक़ कंपनी ने नए संसद भवन का कॉन्ट्रैक्ट 861.9 करोड़ में हासिल किया है जिसमें रखरखाव भी शामिल है | बोली में एक अन्य कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (larsen and toubro) ने 865 की बोली लगाई थी लेकिन टाटा की बोली सबसे कम थी इसलिए उन्हें ये प्रोजेक्ट मिल गया | आपको बता दें कि नए संसद भवन का कुल क्षेत्रफल करीब 65 हजार वर्ग मीटर का होगा जिसमें करीब 16,921 वर्ग मीटर का बेसमेंट भी होगा | सेंट्रल विस्टा रीडेवेलोप्मेन्ट प्लान(Central Vista redevelopment plan) के अनुसार संसद भवन की त्रिकोणीय इमारत, केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ के redevelopement की कल्पना करके की गयी है | हालाँकि राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और अभिलेखागार के इमारत को वैसा ही रहने दिया जायेगा |

संसद की नयी बिल्डिंग को बेसमेंट से मिलाकर दो मंजिला बनाया जायेगा

सेंट्रल विस्टा रीडेवेलोप्मेन्ट प्रोजेक्ट के अनुसार प्रधानमंत्री का आवास और कार्यालय साउथ-ब्लॉक के पास बनाने की उम्मीद है और उप-राष्ट्रपति का नया घर नॉर्थ-ब्लॉक के नजदीक होगा, साथ ही साथ उन्होंने ये जानकारी भी दी कि संसद की नयी ईमारत बेसमेंट को मिलाकर दो मंजिल की होगी और केंद्रीय सचिवालय के लिए 10 नयी इमारते बनायीं जाएँगी | हालांकि पूरा निर्माण कार्य कब से शुरू किया जायेगा इसके लिए कोई फैसला नहीं आया है |

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