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Coronavirus: संक्रमण हवा से कैसे फैलता है, इसका क्या मतलब है और ये जानना क्यों ज़रूरी है?

खराब वेंटिलेशन, बंद खिड़कियों और एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी इसको फैलाने में जिम्मेदार

कोरोना महामारी से इस समय हमारा देश भारत ही नहीं बल्कि पूरा देश जूझ रहा है| इस बीमारी से रोज लाखों लोग मर रहे हैं, अभी भी दुनिया हर के साइंटिस्ट्स और शोधकर्ता कोरोना वायरस और उसके प्रसार के बारे में कई जानकारी जुटा रहे हैं| बता दें पहले सभी हेल्थ एजेन्सियाँ और साइंटिस्ट अथॉरिटीज यह मानते आ रही थी कि नोबल कोरोना वायरस छींक या खाँसी में निकले पानी के बूंदों से फैलता है, लेकिन हाल ही में किये गए शोध से यह बात सामने आयी है कि यह वायरस सिर्फ छींक या खांसी में निकले पानी के बूंदों से ही नहीं फैलता, बल्कि ये वायरस हवा के वजह से भी फैलता है और यही नहीं यह वायरस हवा में कम से कम 3 घंटे तक एक्टिव रहकर जिन्दा रह सकता है |

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अध्ययन को मेडिकल जर्नल JAMA Internal Medicine में प्रकाशित किया गया

बता दें हाल ही में जॉर्जिया यूनिवर्सिटी ने कोरोना वायरस के ऊपर एक अध्ययन से पता लगाया है कि यह एयरबोर्न वायरस है अर्थात यह हवा में रह कर दूसरों तक फैलता है | अध्ययन को मेडिकल जर्नल JAMA Internal Medicine में प्रकाशित किया गया है और वायरस के फैलने के नए तरीके पर रोशनी डालता है|

कोरोनावायरस के हवा में फैलने को समझने के लिए, शोधकर्ताओं ने चीन में इस वायरस के फैलने की शुरुआत एक संक्रमित व्यक्ति से हुई होगी, जिसने बस में एयर कंडीशनिंग सिस्टम के माध्यम से बस में साथी सवारों को बीमारी फ़ैलाने का काम किया होगा|

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खराब वेंटिलेशन, बंद खिड़कियों और एयर कंडीशनिंग सिस्टम कोविड-19 के प्रसारण का प्राथमिक स्रोत

बता दें, जॉर्जिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चीन के Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के दो केंद्रीय क्षेत्रों के दो महामारी वैज्ञानिकों के साथ वायरस के हवाई संक्रमण के बारे में और अधिक जानकारी के लिए उनके साथ काम किया| शोधकर्ताओं ने देखा कि लोगों ने झेजियांग प्रांत में पूजा की जगह पर जाने के लिए दो बसें लीं और दोनों बसों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम थीं और खिड़कियाँ भी बंद थीं|

आईएएनएस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बसों में से एक बस में कोरोना संक्रमित व्यक्ति को ले जाया गया जिसके बाद उस बस में अधिकांश लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गयें, ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश लोगों ने संक्रमित व्यक्ति के साथ बस को शेयर किया था|

इससे यह बात साफ़ है कि खराब वेंटिलेशन, बंद खिड़कियों और एयर कंडीशनिंग सिस्टम कोविड-19 के प्रसारण का प्राथमिक स्रोत बना| इसलिए यह कहा जा सकता है कि संक्रमण से बचने के लिए प्रॉपर वेंटिलेशन वाली जगह पर रहना ज्यादा सही होगा|

महामारी को रोकने लिए वैक्सीन ही सबसे सही और जरुरी ऑप्शन

सभी साइंटिस्ट्स कुछ समय तक यही कह रहे थे कि सोशल डिस्टन्सिंग,फेस कवर और फेस मास्क से कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है, लेकिन ये देखा जा रहा है कि इन सब चीजों का इस्तेमाल करने और सभी सावधानियों बरतने के बाद भी कोरोना केसेस बढ़ते ही जा रही है|

हाल के कुछ सूत्रों के मुताबिक पूरे विश्व में अब तक 34.3 मिलियन लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं जिनमें से 23.9 मिलियन लोग रिकवर हो चुके हैं और 1.02 मिलियन लोगों कि मृत्यु हो चुकी है| ऐसे में इस महामारी को रोकने लिए वैक्सीन ही सबसे सही और जरुरी ऑप्शन है|


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