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Corona virus को चीन की लैब में ही बनाया गया था और WHO ने ये बात छिपाने में चीन की मदद की – Dr. Li-Meng Yan ने किया खुलासा

चीन से भाग कर अमेरिका आने के बाद एक interview में किया खुलासा और कहा कि जल्दी ही इसके सबूत दुनिया के सामने रखेंगी

चीनी वायरोलॉजिस्ट(Chinese Virologist) डॉक्टर ली-मेंग यान(Dr. Li-Meng Yan) ने हाल ही में खुलासा किया है कि corona virus को चीन की लैब में ही बनाया गया था | यह बयान उन्होंने WION को दिए गए एक इंटरव्यू में दिया है | उन्होंने ये भी कहा कि चीनी सरकार ने इस वायरस को छिपाने का सर्वोच्च स्टार का प्रयास किया था | चीनी सरकार ने हांगकांग के शोधकर्ताओं और कई विदेशी विशेषज्ञों को भी चीन में इस वायरस पर शोध करने के लिए साफ़ इंकार कर दिया था | वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन(WHO) को इन सब के बारे में जानकारी थी और उसने भी इसे छिपाने में चीनी सरकार का सहयोग किया था | हालाँकि चीनी सरकार और वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन(WHO) ने इस दावे को झूठा कह कर सीधे तौर पर ठुकरा दिया है |

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शोध से पता लगाया कि इस वायरस को चीन के लैब में ही बनाया गया

ली-मेंग यान ने यह सभी खुलासे चीन से भाग कर अमेरिका में शरण लेने के बाद किये हैं | बता दें कि 14 सितम्बर को भी उन्होंने ये दावा किया था और कहा था कि वो बहुत समय से हांगकांग स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ से जुडी हुई हैं | जब इस वायरस के शुरूआती मामले सामने आये तभी उन्होंने इस पर शोध करने शुरू कर दिये थे | उस दौरान उन्होंने अपने शोध से पता लगाया कि इस वायरस को चीन के लैब में ही बनाया गया था | जिस पर उनके सुपरवाईजर्स द्वारा खूब मजाक बनाया गया था |

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन(WHO) ने इस को छिपाने के लिए पूरा सहयोग किया था

हाल ही में उन्होंने अपने दावे को फिर से WION की एग्जीक्यूटिव एडिटर(executive editor) पलकी शर्मा उपाध्याय(Palki Sharma Upadhyay) को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि इस जानलेवा वायरस को चीन की सेना द्वारा ही सरकारी लैब में बनाया गया था | चीन को यह बात भी पता थी कि यह वायरस बहुत तेजी से फ़ैल रहा है, फिर भी उसने इस को छिपाने के लिए कई कवर-अप ऑपरेशन भी चलाये, जिसमें वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन(WHO) ने चीन का पूरा सहयोग किया | चीन ने महामारी के सेंटर Wuhan के लोगों और डॉक्टर्स को भी इस वायरस के बारे में बोलने वालों को चुप करा दिया था | चीन ने दुनिया की आँखों में धूल झोंकने के लिए लिए वुहान मीट मार्केट का सहारा लिया और इस बात का प्रचार-प्रसार किया कि यह वायरस वुहान के मार्केट से फैला है |

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सबूत की पुष्टि होने के बाद दुनिया के सामने रखेंगी

उन्होंने यह भी कहा कि वो इस बात का ठोस सबूत जुटा रही हैं कि यह वायरस Wuhan से नहीं निकला था और वो इस बात का सुबूत देंगी कि यह virus चीन की लैब में बनाया गया है | आगे उन्होने यह भी बताया कि virus का genome sequence एक फिंगरप्रिंट(fingerprint) की तरह है, इसके आधार पर आप चीजों को पहचान और समझ सकते हैं और एक बार सबूत की पुष्टि होने के बाद दुनिया के सामने रखेंगी, जिससे सभी लोग इसके बारे में पढ़ पाएंगे और वेरीफाई कर पाएंगे |

डॉक्टर ली-मेंग यान(Dr. Li-Meng Yan) ने चीन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चीनी सरकार सोशल मीडिया(social media) पर उनकी इमेज ख़राब करने की कोशिश कर रही है, साथ ही साथ उन पर साइबर अटैक(cyber attack) और उनके परिवार को डराने धमकाने की कोशिश भी कर रही है |

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