Delhi/NCR

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: सबसे कम उम्मीदवार आजमा रहे किस्मत – delhi assembly election 2020, lowest number of candidates after 1993

हाइलाइट्स:

  • दिल्ली चुनाव 2020 में कुल 668 उम्मीदवार
  • 30 उम्मीदवारों ने लिया नाम वापस
  • कुल 24 महिला उम्मीदवार लड़ रही हैं चुनाव
  • 1993 के बाद से इस बार सबसे कम उम्मीदवार मैदान में

नई दिल्ली
दिल्ली में 2020 विधानसभा चुनाव में कुछ दिन बाकी रह गए हैं और हर दिन यह चुनावी जंग रोचक होती जा रही है। इस बार 668 उम्मीदवार राजधानी दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि 1993 में दोबारा विधानसभा बनने के बाद पहली बार दिल्ली में चुनाव हुए थे। तब से पहली बार 2020 में दिल्ली में सबसे कम उम्मीदवार विधानसभा चुनावों में उतरे हैं।

अरविंद केजरीवाल के मुकाबले मैदान में 27 उम्मीदवार, पार्टियों के नाम और भी मजेदार

दिल्ली चुनाव आयोग को इस साल नामांकन के आखिरी दिन 21 जनवरी तक कुल 1,029 उम्मीदवारों के 1,528 नामांकन मिले। बता दें कि एक उम्मीदवार 4 आवेदन तक भर सकता है। 22 और 23 जनवरी को दस्तावेजों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने सिर्फ 698 नामांकनों को चुनाव लड़ने लायक पाया। शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी और 30 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद मैदान में अब कुल 668 कैंडिडेट ही बचे हैं।

आपको बता दें कि 1993 में हुए चुनावों में रेकॉर्ड 1,316 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, लेकिन इसके बाद चुनावों में यह संख्या घटती चली गई। 2015 के विधानसभा चुनाव में 606 पुरुष और 66 महिलाओं और 1 ट्रांसजेंडर के साथ कुछ 673 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। अभी तक आई रिपोर्ट में इस साल जेंडर के आधार पर उम्मीदवारों की जानकारी नहीं मिली है।

बात महिला उम्मीदवारों की
हालांकि, तीन सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियां आप, बीजेपी और कॉन्ग्रेस ने 24 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। कांग्रेस ने 11, आप ने 8 और बीजेपी ने 2020 विधानसभा चुनाव में कुल 5 महिला उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है। 2015 में बीजेपी से 8, आप से 6 और कांग्रेस से 5 महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था।

शुक्रवार को कई जाने-माने उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इनमें आम आदमी पार्टी के मोहम्मद इशराक (सीलमपुर) और जगदीप सिंह (हरी नगर) और पूर्व कांग्रेसी सांसद आसिफ मोहम्मद खान (ओखला) शामिल है। तीनों से अपनी पार्टियों से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया।

शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक जितेंदर सिंह शंटी ने बीजेपी के टिकट पर शाहदरा विधानसभा से नामांकन भरा था। लेकिन गुरुवार को तकनीकी खामियों के चलते उनका नामांकन खारिज कर दिया था। बता दें कि शिरोमणि अकाली दल इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रही है।

इस बार दिल्ली में हैं 1.47 करोड़ वोटर
गुरुवार देर रात दिल्ली चुनाव आयोग ने कुल वोटरों के बारे में जानकारी साझा की थी। आयोग के मुताबिक, इस बार 2 करोड़ की जनसंख्या वाली दिल्ली में 1.47 करोड़ वोटर हैं। हर 1,000 पुरुष वोटर की तुलना में 824 महिला वोटर हैं जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 819 था। 2015 में कुल 1.33 करोड़ लोग वोट देने के योग्य थे लेकिन सिर्फ 67 प्रतिशत लोगों ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

पश्चिमी दिल्ली के मटियाला में सबसे ज्यादा 4.2 लाख वोटर हैं। इसके बाद विकासपुरी (4 लाख), बुराड़ी (3.6 लाख), ओखला (3.3 लाख) और बदरपुर (3.2 लाख) का नंबर आता है। चांदनी चौक 1.2 लाख वोटर्स के साथ सबसे छोटी विधानसभा है। सबसे छोटी विधानसभा की बात करें तो दूसरे और तीसरे नंबर पर मटिया महल और दिल्ली कैंट हैं। बल्लीमारान और नई दिल्ली चौथी व पांचवे नंबर पर हैं। इन विधानसभा में 1.4 लाख वोटर्स हैं।


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