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Delhi News: अब सभी घरों को सीवेज शुल्क अदा करना होगा, National Green Tribunal ने जारी किया आदेश

दिल्ली जल बोर्ड ने सीवर में होने वाले प्रदुषण को रोकने के लिए एक अहम् प्रस्ताव को मंजूरी दी

दिल्ली जल बोर्ड ने हाल ही में रविवार (27 सितम्बर) को सीवेज से सीवर सिस्टम में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए एक अहम् प्रस्ताव को मंजूरी दी है | इस प्रस्ताव के तहत अब सभी घरों को हर साल सीवेज प्रदूषण शुल्क देना पड़ेगा | इन इलाकों के घरों से भी प्रदूषण शुल्क लिया जायेगा जिन इलाकों में सीवर सिस्टम नहीं भी है |

आप को बता दें इस समय सिर्फ उन्हीं घरों को ये शुल्क देना पड़ता है जिन घरों में पानी का कनेक्शन है और वो सीवर नेटवर्क से जुड़ा हुआ है | प्रदूषण शुल्क से मिले धन राशि का इस्तेमाल सीवर सिस्टम के देखभाल अथवा रख रखाव, अनुरक्षण और उसको अधिक बेहतर बनाने में किया जायेगा |

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया प्रत्येक घरों को प्रदूषण शुल्क देना पड़ेगा

आपको बता दें हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने आदेश दिया है जिसके अनुसार सभी घर जो सीवेज को खुले वातावरण में या सीवर नेटवर्क में बहा कर प्रदूषण फैलाते हैं, उन प्रत्येक घरों को प्रदूषण शुल्क देना पड़ेगा | बता दें दिल्ली जल बोर्ड के 25 लाख 20 हज़ार जल उपभोक्ता हैं जो कि सीवर नेटवर्क वाले इलाके में मौजूद हैं और वहाँ पानी का एक्टिव कनेक्शन है और वहाँ के घरों के पानी के बिल में ही सीवेज शुल्क वसूला जाता है |

एक अधिकारी के अनुसार दिल्ली में कई ऐसे घर है जो जल बोर्ड से पानी लेते हैं और सीवेज भी बहाते हैं लेकिन किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देते हैं क्योंकि उन इलाकों में कोई सीवर सिस्टम नेटवर्क नहीं है |

आगे उन्होंने बताया की पहले वो सिर्फ उन घरों से ही शुल्का लेते थे जो सीवर नेटवर्क वाले इलाकों में आते हैं, लेकिन अब से सभी घरों को यह शुल्क देना पड़ेगा चाहे वहाँ सेवर नेटवर्क हो या न हो | कई ऐसे इलाके हैं जहाँ दिल्ली जल बोर्ड की पाइपलाइन और सीवर नेटवर्क नहीं है, इन इलाकों में झुग्गी वाली बस्तियां शामिल हैं | बार्ड ने कहा है कि उन इलाकों में सीवेज शुल्क जमीन से स्वामित्व रखने वाली एजेंसी द्वारा वसूला जायेगा |

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बिजली कंपनियों द्वारा सीवेज शुल्क इकट्ठा किया जायेगा

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार सभी घरों से सालाना सीवेज प्रदुषण शुल्क लिया जायेगा | इसके लिए आवासीय कॉलोनियों को 8 श्रेणियों में बाँटा गया है जो इस प्रकार हैं A , B, C, D, E, F, G और H | जो घर A और B श्रेणी में आते हैं उन्हें 5000 रुपये, C और D श्रेणी में आने वाले घरों को 2000 से 1000 रुपये, E और F श्रेणी में आने वाले घरों को 200 रुपये और G और H श्रेणी के घरों को 100 रुपये प्रदुषण शुल्क देना होगा |

जल बोर्ड ने कहा है की सीवेज शुल्क बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से एकत्र किए जायेंगे | आगे उन्होंने बताया कि बिजली कंपनियों के पास सबसे बड़ा बिलिंग और संग्रह नेटवर्क है इसलिए सीवेज शुल्क उन्ही द्वारा इकट्ठा किया जायेगा |


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