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JEE NEET Exam 2020 – आखिर क्यों Exams के नाम पर छात्रों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है?

जिस तरह से सरकार JEE और NEET के exams की डेट postpone करना नहीं चाह रही है, उस से पता चलता है की किस तरह से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ में खिलवाड़ किया जा रहा है. जब कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किया जा चुका है और हर प्रकार की परीक्षाएं रद्द कर दी गयी हैं तो आखिर क्यों JEE और NEET का Exam देने वाले छात्रों के साथ में पक्षपात किया जा रहा है? क्या ये किसी प्रकार की राजनीती है या फिर कुछ और ही खेल चल रहा है जिसमे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है? और अगर इस परीक्षा के बाद पता चलता है की परीक्षा देने वाले छात्रों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं, तो इस की जिम्मेदारी कौन लेने वाला है? सवाल बहुत हैं लेकिन जवाब देने के लिए न तो सरकार तैयार है न ही सुप्रीम कोर्ट तो आखिर ये छात्र कहा पर जाकर अपनी गुहार लगाएं.

सरकार ने JEE और NEET परीक्षा की तारीखों की घोषणा की है।
(A) JEE मेन 2020 परीक्षा तिथियां 1 से 6 सितंबर तक हैं।
(B) NEET 2020 के लिए परीक्षा की तारीख 13 सितंबर है।
(C) जेईई एडवांस 27 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।

परीक्षा के खिलाफ तर्क

इंफेक्शन फैलने की प्रबल संभावना है। छात्र घातक वायरस के संपर्क में आ सकते हैं और COVID-19 से प्रभावित होने का डर वास्तविक है क्योंकि उन राज्यों के विभिन्न स्थानों से आने वाले COVID-19 रोगियों की संख्या जहां नियंत्रण उन राज्यों में लॉकडाउन के चरणों के दौरान शिथिल रूप से लागू किया गया है जो चौंकाने वाली है। कई युवा घबरा सकते हैं और प्रभावित हो सकते हैं और वायरस से संपर्क करने की संभावना बहुत ज्यादा है। इस परिदृश्य में बड़े पैमाने पर परीक्षाओं का आयोजन करना बड़ा जोखिम है। COVID-19 के दौरान किसी को भी अपने जीवन में मौका नहीं देना चाहिए। यह भी अनुच्छेद 14 के अनुसार मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है,

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा परीक्षा के पक्ष में तर्क।

सुप्रीम कोर्ट ने जेईई मेन 2020 और NEET 2020 को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि वे लाखों छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते क्योंकि पूरा शैक्षणिक वर्ष दांव पर है।

इस मामले में ना केवल भारतीय बल्कि कई अंतर्राष्ट्रीय पॉलिटिकल लीडर्स, एक्टर्स और खिलाड़ियों के द्वारा COVID 19 के खतरे को देखते हुए इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की जा रही है, जिसमें 17 साल की Swedish Climate activist Greta Thunberg ने भी JEE NEET Enterance Postpone करने के लिए ट्वीट किया है:

वही दूसरी और अभिनेता सोनू सूद ने भी छात्रों के पक्ष में ट्वीट कर के इस परीक्षा का रद्द होना जरुरी बताया है..

देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट और सरकार हर प्रकार के फैसले लेने में सक्षम है तो इतने संवेदनशील समय में आखिर क्यों इतना बड़ा खतरा उठाया जा रहा है जबकि चारों तरफ से JEE & NEET Exam को postpone करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है. मेरे मानने में इस महामारी के समय में सरकार को अपनी सूझ बूझ से काम लेना चाहिए और तुरंत ही इस परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए.

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