India

Congress Leader Rahul Gandhi On Two Day Rajasthan Visit From Today, Will Address Kisan Mahapanchayat

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद के बाद कृषि कानून के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए आज से सड़क पर उतरेंगे. राहुल गांधी आज से दो दिन के राजस्थान दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान राहुल गांधी किसान पंचायत को संबोधित करेंगे.

इसके साथ ही वो हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे में सुबह 11:30 बजे और श्री गंगानगर जिले के पदमपुर कस्बे में दोपहर बाद 3:00 बजे किसान सभाओं को संबोधित करेंगे. श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ न केवल किसान बाहुल्य इलाके हैं बल्कि यह पंजाब और हरियाणा की सीमा से भी लगते हैं.

राहुल गांधी 13 फरवरी यानी कल किशनगढ़ पहुंचेंगे और सुरसुरा में लोक देवता तेजाजी महाराज मंदिर के दर्शन करेंगे औऱ किसानों के साथ चर्चा करेंगे. इसके बाद वह अजमेर जिले के रूपनगढ़ में किसानों के साथ संवाद करेंगे. राहुल गांधी का नागौर में गोपाल गौशाला मकराना में किसान सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है.

इस बीच राहुल गांधी के दौरे एवं सभाओं की तैयारियों के सिलसिले में पार्टी के राजस्थान प्रभारी अजय माकन यहां पहुंचे हुए हैं. माकन ने गुरुवार को स्थानीय नेताओं के साथ पीलीबंगा व पदमपुर में होने वाली किसान सभाओं की तैयारियों की समीक्षा की.

संसद में बरसे राहुल- बोले ‘हम दो, हमारे दो की सरकार’

राहुल गांधी ने गुरुवाक तो नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह ‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार है. उन्होंने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि इन तीनों कानूनों के कारण मंडिया खत्म हो जाएंगी और कृषि क्षेत्र कुछ बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा.

सत्तापक्ष के सदस्यों की टोका-टोकी के बीच केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘सालों पहले परिवार नियोजन का नारा था, हम दो हमारे दो. जैसे कोरोना दूसरे रूप में आता है उसी तरह यह नारा आया है. यह ‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार है.’’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि तीनों कानूनों के लागू होने बाद देश का कृषि क्षेत्र दो-चार उद्योगपतियों के हाथ में चला जाएगा. उन्होंने दावा किया कि इन कानूनों से मंडियां खत्म हो जाएंगी, कुछ उद्योगपति जमाखोरी करेंगे और लोग भूख से मर जाएंगे तथा देश रोजगार पैदा नहीं कर पाएगा. उन्होंने यह आरोप भी लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि उन्होंने विकल्प दिया है. इन्होंने भूख, बेरोजगारी और आत्महत्या का विकल्प दिया है.’’

ये भी पढ़ें-
कृषि कानूनों का विरोध जारी, संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- किसानों की मांग पर सरकार गंभीर नहीं
अब रेल का चक्का जाम करेंगे प्रदर्शनकारी किसान, यहां पढ़िए आगे का पूरा एक्शन प्लान


Source link

Related Articles

Back to top button
English English हिन्दी हिन्दी