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Decision Of The Parliamentary Committee On Defense Affairs To Visit Pangong Lake Galvan Valley Ladakh

नई दिल्ली: भारत-चीन के बीच हुए समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी से डिसइंगेजमेंट शुरू कर दिया है. इस बीच सूत्रों ने कहा है कि रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पैंगोंग झील और गलवान घाटी का दौरा करने का फैसला किया है.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता जुएल ओराम की अध्यक्षता वाली समिति मई या जून के अंतिम हफ्ते में वहां के दौरे पर जाना चाहती है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस समिति के सदस्य हैं. सूत्रों ने बताया कि इन इलाकों का दौरा करने का फैसला समिति की पिछली बैठक में लिया गया था. उस बैठक में राहुल गांधी शामिल नहीं हुए थे. वहीं वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जाने के लिए समिति को सरकार से मंजूरी लेनी होगी.

पीछे हटना शुरू

वहीं दूसरी तरफ पैंगोंग-त्सो लेक के उत्तर और दक्षिण से दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटना शुरू कर दिया है. इस बीच पैंगोंग-त्सो झील के दक्षिण से चीनी सेना के टैंक पीछे जाने का वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में दोनों देशों के सैन्य कमांडर्स समझौते की मेज पर भी दिखाई दिए.

बता दें कि पिछले नौ महीने में चीनी सेना ने फिंगर 4 से 8 के बीच बड़ी तादाद में बंकर, बैरक और हैलीपैड तक बना लिया है. भारतीय सेना ने भी धनसिंह थापा पोस्ट के आगे आकर फिंगर 4 के करीब अपना कैंप लगा लिया था.

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