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लद्दाख में तनाव कम करने की कोशिश:भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में 5 पॉइंट पर सहमति

बातचीत जारी रखते हुए सैनिक हटेंगे, माहौल बिगाड़ने वाली कार्रवाई नहीं होगी

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा स्थित लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर मई के महीने से स्थितियाँ तनावपूर्ण हैं | इस बीच चीन अपने चालबाजी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है तथा बार-बार घुसपैठ करने की कोशिश में लगा हुआ है | बता दें हाल ही में चीन पेंगोंग इलाके में अपनी ताकतें बढ़ा रहा है, उसने देश भर से अपने सैनिक और हथियार इकट्ठे कर लिए हैं और सैन्य अभ्यास में लगा हुआ है | हाल ही में चीनी सेना ने अपने एयरक्राफ्ट्स और तोपों का भी अभ्यास किया था, ऐसा करके वो अपनी ताकत दिखाना और दबदबा बनाना चाह रहा है |

चीनी सैनिकों की बेचैनी बढ़ी

चीन भले ही पेंगोंग लेक के उत्तरी और दक्षिणी इलाकों में अपने हथियार, सैनिक और शस्त्र गाड़ियां तैनात कर चुका है, लेकिन चीन के बेचैनी अभी बढ़ी हुई है क्योंकि अब भारतीय सेना की पहुँच फिंगर-4 के सामने की चोटियों तक हो गयी है, सेना ऊँचाई वाले इलाकों पर अपनी पहुँच बना कर दबदबा बना चुकी है | भारतीय सेना इन ऊँचाईओं से चीनी सेना के हरकतों पर नजर रख रही है, साथ ही साथ माऊंटेन वॉर फेयर में उस्ताद भारतीय जवान चीन के सैनिकों को चुनौती देने और सबक सिखाने के लिए पूर्ण रुप से तैयार हैं जिससे चीनी सैनिकों की बेचैनी और बढ़ते जा रही है और उनके पसीने छूट रहे हैं | भारतीय जवानों ने पूर्वी लद्दाख के विभिन्न इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली है |

भारतीय सेना ने ठोस कदम उठाये

आपको बता दें कि चीन की गुस्ताखियों को मद्दे नजर रखते हुए भारतीय सेना ने कई ठोस कदम उठाये हैं| भारतीय सेना ने हॉविट्ज़र तोप तैनात करने शुरू कर दिए हैं | तनाव के बीच LAC पर हालात बदल चुके हैं, भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में वहाँ करीबन 40 हज़ार सैनिकों को तैनात किया है साथ ही साथ विभिन्न तरह के शस्त्र वाहन भी अब सरहद पर भेजे जा रहे हैं, वायु सेना भी अपनी तरफ से पूरी तरह से तैयार है | चीन को रास्ते पर लाने के लिए भारत अब उन्हें उसी भाषा में समझायेगा जिस भाषा में वो समझते हैं |

भारत को ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस का साथ

चीन के साथ जारी सीमा विवाद में भारत को ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों का रणनीतिक मुद्दों पर समर्थन मिला है | तीनों देशों की वर्चुअल मीटिंग हुई, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस की साझेदारी से हिन्द महासागर में चीन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं क्योंकि सूत्रों के अनुसार तीनों देशों में हिन्द महासागर में सहयोग के ऊपर चर्चा हुई है | ऐसे में चीन की एक भी गलती उसके लिए भारी पड़ सकती है और उसको बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है |

बैठक में पाँच-पॉइंट पर सहमति

एलएसी पर चल रहे तनाव के बीच भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की SCO समिट में हुई बैठक के बाद दोनों में करीब 2 घंटे तक बातचीत चली | विवाद को ख़त्म करने के लिए पाँच-पॉइंट के प्लान पर सहमति बनी है |

इन 5 पॉइंट पर सहमति बनी:

  1. दोनों पक्षों को समझौते और सीमा पर सैनिकों के प्रबंधन के नियमों का पालन करना पड़ेगा ताकि एलएसी पर शांति स्थापित की जा सके और कार्रवाई से बचें जिससे माहौल तनावपूर्ण न हो |
  2. दोनों देशों के सैनिकों को बातचीत जारी रखते हुए डिसएंगेजमेंट करना चाहिए साथ ही एक दूसरे से तय दूरी रखते हुए तनाव कम करना चाहिए|
  3. दोनों देशों के रिश्ते को बढ़ाने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच पहले जो एकराय (consensus) बनी थी, उससे गाइडेंस लेना चाहिए |
  4. सीमा पर स्थिति सुधारने के लिए दोनों देशों को तेजी से काम करना चाहिए, ताकि शांति बनाये रखने में और आपसी भरोसा बढ़ाने के लिए नए उपाय किये जा सकें |
  5. स्पेशल रिप्रेजेन्टेटिव मैकेनिज्म के जरिये बातचीत होती रहनी रहेगी, वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोआर्डिनेशन (WMCC) की बैठकें भी जारी रहेंगी |

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