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India China Border News: चीनी घुसपैठ की बड़ी कोशिश को सेना ने किया नाकाम, 500 चीनी सैनिकों को पीछे धकेला

भारत और चीन के बीच कई महीनो से हो रही अनबन के बीच एक बेहद चौकाने वाली खबर सामने आई है की चीन एक बार फिर घुसपैठ करते हुए पकड़ा गया। २९ और ३० अगस्त की रात को चीनी सैनिको ने एलएसी पर पैंगोंग झील के पास गतिरोध वाले स्थल पर फिर घुसपैठ करने की कोशिश करी। हालाँकि भारतीय सैनिक उनकी इस कोशिश को नाकामियाब करने में सफल रहे। उन्होंने चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया इस दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान दोनों देशो के सैनिको के बीच झगडा हुआ , भारतीय सेना के पीआरओ कर्नल अमन आनंद ने यह बताया की भारतीय सैनिको ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिण किनारे पर चीनी सैनिकों की गतिविधि को पहले ही खाली कर दिया , साथ ही कर्नल ने कहा की सेना के जवानो ने भारतीय पोस्ट को मजबूत करने और जमींन पर तथ्यों को एकतरफा बदलने के लिए चीनी इरादों को विफल करने की कारवाही की गयी।

इस घटना के दौरान भारत ने इस इलाके में तैनाती और बढ़ा दी है। दो दिन पहले लद्दाख की स्तिथि को मध्य नज़र रखते हुए विदेशमंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया। उन्होने कहा लद्दाख की स्तिथि १९६२ के संघर्ष के बाद सबसे गंभीर है उन्होंने कहा था की दोनों पक्षों की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अभी तैनात सुरक्षा बल की संख्या भी अभूतपूर्व है। वही सीडीएस जनरल बिपिन रावत द्वारा बताया गया था की चीनी सेना द्वारा किये गए बदलाव से निपटने के लिए अगर बातचीत विफल होती है तो फिर सैन्य विकल्प मौजूद है।

पूर्वी लद्दाख की इस घटना के तुरंत बाद कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने यह ट्वीट किया “आए दिन भारत की संप्रुभता पर हमला हो रहा है , आए दिन हमारी सरज़मीं पर कब्ज़े का दुस्साहस , आए दिन देश की धरती पर चीनी घुसपैठ , मोदी जी , पर “लाल आँख कहाँ है , चीन से आँखो में आँखे डाल कब बात होगी पी. एम मौन क्यों है?

भारतीय सेना चीन की चालकी को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। इस मामले से एक बात साफ हो चुकी है की चीन एक तरफ बातचीत का दिखावा करता है और दूसरी तरफ उसकी सेना घुसपैठ करती है। भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों का एक बार फर मुँह तोड़ जवाब दिया।
इसके अलावा जयवीर शेरगिल ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया ,” अन्य मुद्दों को लेकर बीजेपी सोशल मीडिया पर डिफेंड करने के लिए ओवर एक्टिव मोड में आ जाती है लेकिन चीन के मुद्दे पर स्लीप मोड में। इन मुद्दों पर प्रेस कॉन्फरेंस कब होगी? किस करण से चीन में घुसपैठ हुई ? यथास्तिथि कब बहाल होगी? बेदखल करने के लिए क्या कदम उठाए गए? चीन का नाम लेने से क्यों डरती है सरकार ?

इस मुद्दे पर एक और कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह ट्वीट की देश की सरज़मी पर कब्ज़े का नया दुस्साहस ! रोज़ नई चीनी घुसपैठ……पांगोंग सो लेक इलाका , गोगरा और गलवान वैली , डेपसंग प्लैन्स , लिपुलेख , डोका लॉ व नकु लॉ पास। फौज तो भारत माँ की रक्षा मे निडर खड़ी है। पर मोदी जी की लाल आँख कब दिखेगी? उन्होंने सीटुएशन्स अपडेट रिपोर्ट्स को दिखाते हुए यह भी कहा की ,” बता दे की भारतीय सेना ने जानकारी दी की २९-३० अगस्त की रात भारत और चीन सैनिकों के बीच पैंगोंग झील के दक्षिण तट पर झड़प हुई। दरअसल , चीन सैनिकों ने बातचीत के विपरीत जाकर अपना मूवमेंट आगे बढ़ाया। चीन सैनिको की गतिविधियों का भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पर विरोध किया।

इन सब हरकतों और कुटिल चालों से यह साफ़ पता चलता है की चीन अपनी चालबाज़ी से बाज़ नहीं आने वाला और भारत भी अब चीन की इन चालों को भांप गया है। और इसी लिए समय रहते हमारी देश की सेना ,छीन को सक्षम और मुँह तोड़ जवाब देने में कामयाब रही।

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