India

अवमानना मामले में दोषी प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांगने से किया इनकार।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) को अवमानना मामले में कोर्ट की तरफ से दोषी करार करते हुए 24 अगस्त तक माफ़ीनामा दर्ज करने को कहा था लेकिन प्रशांत भूषण ने माफीनामे से मना कर दिया है प्रशांत भूषण ने कहा-
” मेरा मानना है की सुप्रीम कोर्ट मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए उम्मीद का अंतिम गढ़ है। अगर में इस अदालत के सामने अपने बयान को वापस लेता हूँ और माफ़ी की पेशकश करता हूँ तो मेरी अंतरात्मा और उस संस्थान की अवमानना होगी जिसमे मैं सर्वोच्च विश्वास रखता हूँ। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है की मैंने इस संस्थान की सेवा की है। कई महत्वपूर्ण जनहितकारी कारण सामने लाये है। मुझे इस संस्थान को बहुत कुछ देने का अवसर मिला है, मुझे यहाँ से बहुत कुछ मिला है. मैं इस संस्थान को उतना नहीं दे सका जितना इसने मुझे दिया है. मैं दे भी नहीं सकता लेकिन मेरे मन में सुप्रीम कोर्ट के प्रति सर्वोच्च सम्मान है।”

SC issues notice to Prashant Bhushan on remarks against judiciary

आखिर पूरा मामला था क्या ?

ये मामला प्रशांत भूषण के द्वारा किये गए दो ट्वीट्स पर था, इसमें एक ट्वीट चीफ जस्टीक्स ऑफ़ इंडिया (CJI) शरद अरविन्द बोबडे की सुपर बाइक वाली तस्वीर से जुड़ा था जो की जून 29 2020 को किया था और दूसरा ट्वीट में उन्होंने पिछले चार मुख्यान्यायधीश के ऊपर टिप्पणी की थी।

इन दोनों ही ट्वीट को ध्यान में लेते सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमाना की कार्यवाही शुरू कर दी थी। 22 जुलाई को कोर्ट ने प्रशांत भूषण और ट्विटर को नोटिस जारी किया। इसके बाद इन ट्वीट्स को हटा लिया गया था।
इसमें प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने नोटिस का दिया था, प्रशांत ने कहा की ” CJI की आलोचना सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को कम नहीं करता. बाइक पर सवार CJI के बार में ट्वीट कोर्ट में सामान्य सुनवाई न होने को लेकर उनकी पीड़ा को दर्शाता है. चार CJI वाले दूसरे ट्वीट पर पर बोलते है की उसके पीछे उनकी अपनी सोच थी, जो भले ही अप्रिय लगे, लेकिन अवमाना नहीं है.

मामले में क्या सजा हो सकती है ?

कोर्ट की अवमानना अधिनियम (Contempt of Courts Act, 1971 ) की धारा 12 के तहत तय किये गए सजा के तहत 6 महीने का कारावास या 2 हजार नगद या दोनों ही हो सकते है।

Related Articles

Back to top button
English English हिन्दी हिन्दी