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केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का 74 वर्ष की उम्र में दिल्ली में हुआ निधन, 6 प्रधानमंत्रियों के साथ कर चुके थे काम

पासवान ने अपने जीवनकाल में 11 बार चुनाव लड़े और 9 बार जीते।

लोक जन शक्ति और भारतीय दलित राजनीति के प्रमुख नेता राम विलास पासवान का गुरुवार 8 अक्टूबर को दिल्ली में निधन हो गया। उनकी उम्र 74 वर्ष की थी, दिल्ली के FORTIS हॉस्पिटल में उनकी हार्ट सर्जरी थी, वर्तमान में राम विलास पासवान केंद्रीय मंत्री भी थे उनको उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री का कार्यभार संभाला था। चिराग पासवान ने भी अपनी पिता को याद करते हुए ट्वीट किया “पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं।
Miss you Papa…”

पासवान का राजनीति करियर

राम विलास पासवान का बिहार के खगड़िया जिले में एक दलित परिवार में जन्म हुआ था। पासवान ने लॉ की पड़े की थी और वे 1969 में बिहार के DSP भी चुने गए थे। पासवान ने अपनी राजनीति की शुरुआत Samyukta Socialist Party के सदस्य और 1969 में बिहार असम्बली के लिए चुने गए । लोक सभा में उनकी एंट्री 1977 में जनता पार्टी की तरफ से हाजीपुर सभा से हुई ।

पासवान 2004 इलेक्शन में विजयी रहे थे लेकिन 2009 उनकी हार हुई थी लेकिन 2010 से 2014 तक उनको राज्य सभा का सदस्य बना गया लेकिन 16वीं लोक सभा में उनकी हाजीपुर की सीट से फिर से जीत हुई। पासवान ने अपने जीवनकाल में 11 बार चुनाव लड़े और 9 बार जीते। पासवान जी के पास छः प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का अनूठा रिकॉर्ड भी है

दिग्गज नेताओ ने दी श्रदांजलि

महामहिम राष्ट्रपति ने भी राम विलास पासवान को श्रदांजलि देते हुए ट्वीट किया की “In the demise of Union Minister Ram Vilas Paswan, the nation has lost a visionary leader. He was among the most active and longest-serving members of parliament. He was the voice of the oppressed, and championed the cause of the marginalized.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पासवान जी को श्रदांजलि देते हुए ट्वीट किया की “I am saddened beyond words. There is a void in our nation that will perhaps never be filled. Shri Ram Vilas Paswan Ji’s demise is a personal loss. I have lost a friend, valued colleague and someone who was extremely passionate to ensure every poor person leads a life of dignity.”

अमित शाह ने भी ट्वीट किया की

“सदैव गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण व अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले हम सबके प्रिय राम विलास पासवान जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा राष्ट्रहित और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा। उनके स्वर्गवास से भारतीय राजनीति में एक शून्य उत्पन्न हो गया है। चाहे 1975 के आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष करना हो या मोदी सरकार में कोरोना महामारी में गरीब कल्याण के मंत्र को सार्थक करना हो, राम विलास पासवान जी ने इन सभी में अद्वितीय भूमिका निभाई है।

कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहते हुए, पासवान जी अपने सरल व सौम्य व्यक्तित्व से सबके प्रिय रहे। भारतीय राजनीति व केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी कमी सदैव बनी रहेगी और मोदी सरकार उनके गरीब कल्याण व बिहार के विकास के स्वपन्न को पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध रहेगी। मैं उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ। ॐ शांति “

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