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सुप्रीम कोर्ट अवमानना मामला- प्रशांत भूषण को 1 रुपए का जुर्माना, 15 सितम्बर तक जमा करने के आदेश नहीं तो 3 महीने के सजा

प्रशांत भूषण, जो भारत के उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जिन्हे न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के लिए जाना जाता हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के वह प्रमुख सहयोगी रहे हैं । इन्होने बीते दिनो में सुप्रीम कोर्ट CJIs को लेकर दो आपत्तिजनक ट्वीट किये थे । जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने के लिए मुकदमा चलाया। अदालत की अवमानना के जुर्म में सुप्रीम कोर्ट ने 1 रुपया जुर्माना भरने की सजा सुनाई। भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को स्वीकार करते हुए ये भी कहा कि मै अपने रिव्यु या रिट्स फाइल करने के अधिकार का भी इस्तेमाल करूंगा। उन्होंने अपने ट्वीट का भी बचाव करते हुए कहा कि उन्होने जो कुछ भी किया वो हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि सत्य की जीत होगी , लोकतंत्र मजबूत होगा , सत्यमेव जयते।

प्रशात भूषण को वकालत में 37 साल से ज्यादा वक्त हो गया है और उनके मन में सुप्रीम कोर्ट के प्रति शुरू से ही बहुत सम्मान है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट गरीबों और कमज़ोर लोगों को न्याय दिलाने की आखिरी जगह है । गरीब और कमज़ोर लोग अपने हकों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटातें हैं । उनका का यह भी कहना हैं,कि उनके ट्वीट का मकसद सुप्रीम कोर्ट को चोट पहुँचाना नहीं था बल्कि उन्हें यह लगा कि सुप्रीम कोर्ट, जिसका बहुत अच्छा रिकॉर्ड रहा है उससे वह चूक गया। उन्होंने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को जीतना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट की जीत यानी देश के हर एक नागरिक की जीत।


प्रशांत भूषण ने इस मुद्दे पर अपने समर्थकों के लिए कहा कि मै मेरे समर्थन में खड़े सभी लोग चाहे वे पूर्व जज हो , एक्टिविस्ट हो , वकील हो या आम नागरिक हो , उनके प्रति आभारी हूँ। इनसे मुझे हौसला मिलता है और उम्मीद की किरण जागती है कि देश में इससे अभिव्यक्ति की आज़ादी को मज़बूती मिलेगी। न्यायपालिका की जवाबदेही और न्यायपालिका में बदलाव के मुहिम को शक्ति मिलेगी। लोगों ने इस केस को “फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन” का औज़ार समझा।बहुत सारे लोगों ने अपनी आवाज़ उठाई जो कि बहुत बड़ी बात है।

प्रशांत भूषण ने अंत में कहा कि, में अपनी लीगल टीम का आभार व्यक्त करता हूँ। खासकर अपने सीनियर वकीलों दुशवन्त दवे और राजीव धवन का धन्यवाद करता हूँ और मुझे पूरी उम्मीद हैं की सत्य कि जय होगी और देश में लोकतंत्र और सुदृढ़ होगा और मज़बूत होगा। सत्यमेव जयते।

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