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गिलोय का काढ़ा और जूस पीने के फायदे – जानिये किस तरह से गिलोय कोरोना से लड़ने और इम्युनिटी बूस्ट करने में लाभकारी

कोरोना के समय में कैसे रखें अपनी इम्युनिटी को सही:-

कोरोना वायरस के तेज़ी से बढ़ते मामलों को देखते हुए हमें अपनी इम्युनिटी का खास ख्याल रखना ज़रूरी है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आज कल लोग तरह तरह की चीज़ो का सेवन कर रहे है।हेल्थ एक्सपर्ट दावा करते हैं कि गिलोय के पत्तियों को पानी में उबालकर पीने से इम्युनिटी बढाई जा सकती है। इसकी पत्तियों को जूस में मिलाकर पीने से भी इसके कई लाभ है। गिलोय की पत्तियां पान की तरह दिखती है तथा इसमें कैल्शियम , प्रोटीन फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसके तनो में स्टार्च की अच्छी मात्रा होती है और यह एक बेहतरीन इम्युनिटी बूस्टर है जो इम्युनिटी सिस्टम को बूस्ट करने के साथ साथ और भी अन्य बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है।
गिलोय मेटाबोलिज्म सिस्टम , बुखार, खांसी, जुखाम और गैस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्या के आलावा भी कई बीमारियों से रक्षा कर सकता है।इसका इस्तेमाल उबले पानी , जूस , काढ़ा , चाय या कॉफ़ी में भी कर सकते हैं । विज्ञानं जगत में गिलोय को एक बेहतरीन आयुर्वेदिक काढ़ा माना जाता है।

》》गिलोय के कुछ लाभ

1) एनीमिया दूर करने में सहायक है। इसे घी और शहद में मिलाकर सेवन करने से खून की कमी दूर होती है।

2) पीलिया के मरीजों के लिए भी गिलोय के पत्ते बहुत फायदेमंद है। कुछ लोग इसको चूर्ण के रूप में लेते है तो कुछ लोग इसके पत्तों को पानी में उबालकर पीते हैं । गिलोय की पत्तियों को पीसकर शहद में मिलाकर भी पीया जा सकता है।

3) गिलोय हाथ पैर की जलन तथा स्किन की परेशानियों के लिए बहुत फायदेमंद है। लोग इसको अपनी डाइट में शामिल कर सकते है। इसके पत्तो को पीस कर पेस्ट बनाकर सुबह शाम हाथ पैरों में लगाकर मालिश करने से त्वचा की परेशानियों को दूर किया जा सकते है।

4) पेट से जुडी समस्याओं के लिए भी गिलोय बहुत फायदेमंद है। इससे कब्ज़ और गैस की प्रॉब्लम दूर होती है तथा पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है।

5) गिलोय सर्दी और बुखार के लिए भी बहुत फायदेमंद है। अगर काफी समय से बुखार और सर्दी जुखाम ख़त्म नहीं हो रहा हो तो इसका काढ़ा बनाकर पीने से जुखाम और बुखार सही हो जाएगा।

6) गिलोय का उपयोग हृदय संबंधी समस्याओं के उपचार में विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है , और यह बांझपन के इलाज में भी उपयोगी पाया जाता है।

7) गिलोय विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है, रक्त को शुद्ध करता है, बैक्टीरिया से लड़ता है, जो रोगों का कारण बनतें हैं और यकृत रोगों और मूत्र पथ के संक्रमण का मुकाबला करता है।

8) गिलोय का उपयोग adaptogenic जड़ी बूटी के रूप में भी किया जाता है यह मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है।

9) “गिलोय में anti-inflammatory और एंटी-गठिया गुण होते हैं जो गठिया और इसके कई लक्षणों का इलाज करने में मदद करते हैं।

10) जोड़ों के दर्द के लिए भी गिलोय के तने के पाउडर को दूध के साथ उबालकर सेवन किया जा सकता है।

11) गिलोय की जड़ को चबाने या गिलोय का रस पीने से अस्थमा के रोगियों को मदद मिलती है।

12) गिलोय के पौधे में एंटी-एजिंग गुण होते हैं जो डार्क स्पॉट, पिंपल्स , फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं ।

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