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Nokia Selected by NASA to Build 4G LTE Mobile Network on moon

चंद्रमा पर 4G सेल्युलर नेटवर्क स्थापित करने के लिए लगभग 103 करोड़ रुपए नोकिया को दिए

Nokia Selected by NASA अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर पहला सेल्युलर नेटवर्क बनाने के लिए नोकिया सहित कुल 14 अमेरिकी कंपनियों को चुना है| नासा की योजना है कि वर्ष 2028 तक चंद्रमा पर एक स्थायी मानव उपस्थिति हो, इसलिए आर्टेमिस प्रोग्राम के साथ नासा 2024 तक चंद्रमा पर पहली महिला और अगले आदमी को उतारेगा| नासा को चंद्रमा पर रहने और काम करने के लिए जल्दी से नई तकनीकों का विकास करना चाहती है| ऐसे में नासा ने चंद्रमा पर 4G सेल्युलर नेटवर्क स्थापित करने के लिए 14.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 103 करोड़ रुपए) नोकिया को दिए हैं| नासा के अनुसार 4G नेटवर्क का उपयोग अंतरिक्ष यात्री वाहन और भविष्य के स्थायी मूनबेस के लिए एक पायदान के रूप में किया जाएगा|

नोकिया के साथ-साथ अन्य कई कंपनियों से की साझेदारी

बता दें नासा आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की योजना बना रहा है| इस प्रोग्राम के तहत, इंसान चंद्रमा के उन क्षेत्रों का पता लगाएंगे जहां न पहले कभी पहुंचा जा सका, न ही देखा गया| इसके लिए नासा ने अपने कमर्शियल और अंतर्राष्ट्रीय पार्टनर्स स्पेसएक्स, लॉकहीड मार्टिन, नोकिया, सिएरा नेवादा, ब्लू ओरिजिन, एसएसएल रोबोटिक्स और यूनाइटेड लॉन्च अलायंस (यूएलए) के साथ साझेदारी भी की है| नासा के ‘टिपिंग पॉइंट’ सिलेक्शन के तहत 370 मिलियन डॉलर (लगभग 2714 करोड़ रुपए) फंड का इकट्ठा किया गया है, जिसका उद्देश्य स्पेस एक्सप्लोरेशन के लिए एडवांस्ड रिसर्च और डेवलपमेंट को आगे बढ़ाना है.

Nokia Selected by NASA-

नोकिया ने कम्युनिकेशन सिस्टम 2022 के अंत तक बनाने का वादा किया

नोकिया ने अंतरिक्ष में पहला वायरलेस ब्रॉडबैंड कम्युनिकेशन सिस्टम 2022 के अंत तक चंद्रमा की सतह पर बनाने का वादा किया है| इसके लिए 5G नेटवर्क की बजाए 4G/LTE का उपयोग किया जा रहा, जो पिछले कई दशकों से दुनियाभर में उपयोग किया जा रहा है| कंपनी के अनुसार एक बार जब वह लैंडर चंद्रमा पर पहुंच जाता है, तो नेटवर्क स्वयं को कॉन्फिगर करेगा और चंद्रमा पर 4G/LTE कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करेगा| आगे कंपनी ने बताया कि नेटवर्क अंतरिक्ष यात्रियों को आवाज और वीडियो कम्युनिकेशन करने की सुविधाएं देगा साथ ही टेलीमेट्री और बायोमेट्रिक डेटा एक्सचेंज और रोवर्स और अन्य रोबोटिक डिवाइसेस को तैनात और रिमोटली कंट्रोल की भी अनुमति देगा.

विषम परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होगा

इसके आलावा नोकिया ने यह दावा किया है कि यह 4G/LTE नेटवर्क अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एकदम सही होगा| नेटवर्क को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि वह चांद पर लॉन्चिंग और लैंडिंग की विषम परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होगा| इसे बेहद कठोर आकार, वजन और बेहद कॉम्पैक्ट रूप में चंद्रमा पर भेजा जाएगा| वहीं नासा ने भी अपने कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड अनाउंसमेंट में बताया कि यह सिस्टम चंद्रमा की सतह पर लंबी दूरी के कम्युनिकेशन को सपोर्ट कर सकता है, स्पीड बढ़ सकती है और इस समय की तुलना में अधिक बेहतर और विश्वशनीय होगा.

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2018 में चांद पर नेटवर्क के लिए नोकिया पहली कोशिश की थी

आपको बता दें चांद पर 4जी नेटवर्क लाने के लिए नोकिया की यह पहली कोशिश नहीं है| इससे पहले 2018 में चांद पर LTE नेटवर्क लॉन्च करने की पहली कोशिश की गई थी, जिसके लिए नोकिया ने जर्मन स्पेस फर्म PTScientists और वोडाफोन UK के साथ साझेदारी की थी, जिसके तहत अपोलो 17 लैंडिंग पर नेटवर्क स्थापित करने की योजना थी| कंपनी ने दावा किया था कि 2019 तक चांद पर 4जी कवरेज मिलेगी| लेकिन अभी तक इस दावे को पूरा नहीं किया जा सका| वास्तव में इस समय नोकिया कनेक्टिविटी प्रदान करने के व्यवसाय में Huawei के बाद दूसरे स्थान पर है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा की नोकिया अब क्या ख़ास करती है.

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