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US President Joe Biden aims to close Guantanamo Bay prison, launches review | विवादास्पद Guantanamo Bay जेल को बंद करना चाहते हैं Biden, अगले कुछ दिनों जारी कर सकते हैं कार्यकारी आदेश

वॉशिंगटन:  अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने विवादास्पद ग्वांतानामो बे जेल (Guantanamo Bay Prison) की औपचारिक समीक्षा शुरू कर दी है. व्हाइट हाउस (White House) ने शुक्रवार को बताया कि जेल बंद करने को लेकर समीक्षा की जा रही है और राष्ट्रपति बाइडेन का लक्ष्य अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले इस जेल को बंद करना है. जेल को लेकर हुई चर्चा में शामिल सहयोगियों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि राष्ट्रपति अगले कुछ हफ्तों में इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. 

नेवल बेस पर है मौजूद

ग्वांतानामो बे जेल (Guantanamo Bay Prison) को लेकर अमेरिका को दुनियाभर में आलोचना का सामना करना पड़ा है. उस पर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं. यही वजह है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) इस जेल को बंद करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. इस सवाल के जवाब में कि क्या राष्ट्रपति क्यूबा के यूएस नेवल बेस पर मौजूद ग्वांतानामो बे जेल को अपने कार्यकाल में बंद करेंगे, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Jen Psaki ने कहा कि हमारा यही लक्ष्य है.

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Obama करना चाहते थे बंद

नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) के प्रवक्ता एमिली हॉर्ने ने कहा कि विवादास्पद जेल बंद करने के लिए NSC रक्षा विभाग, राज्य और न्याय विभागों के साथ मिलकर काम करेगा. बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) भी मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए निशाने पर आई ग्वांतानामो बे जेल को बंद करना चाहते थे. ओबामा ने अपने कार्यकाल में कहा था कि वे कांग्रेस में इस जेल को बंद करने का प्रस्‍ताव रखेंगे. उन्‍होंने यह भी कहा था कि यदि इसे मंजूदी नहीं दी गई तो वह अपने वीटो पॉवर का इस्‍तेमाल करेंगे. हालांकि, उनके कार्यकाल में ऐसा नहीं हो सका था.

Trump को नहीं थी कोई चिंता

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जेल को बंद करने की कोई इच्छा नहीं दर्शाई थी. उन्हें मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे आरोपों की भी कोई चिंता नहीं थी. मौजूदा समय में ग्वांतानामो बे 40 कैदी ऐसे हैं, जो बिना किसी चार्ज के दो दशकों से अधिक समय से बंद हैं. जबकि हमलों की योजना बनाने के आरोप में बंद हैं और दो कैदी ऐसे हैं, जिन्‍हें सैन्‍य आयोग ने दोषी ठहराया गया है. गौरतलब है कि ग्वांतानामो बे में ज्यादातर ऐसे लोगों को रखा जाता है, जिन्हें अमेरिकी सरकार चरमपंथी घोषित कर चुकी है. 

2002 में सामने आई थीं खौफनाक तस्वीरें

अमेरिका में 11 स‍ितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद तत्‍कालीन बुश प्रशासन ने अफगानिस्‍तान और इराक के अलावा दुनिया के अलग-अलग हिस्‍सों से सैकड़ों संदिग्‍ध आतंकवादियों को पकड़कर ग्‍वांतानामो बे में बंद किया था. 2002 में इस जेल की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई थीं, जिन्हें लेकर अमेरिका को आलोचना का सामना करना पड़ा था. इन तस्वीरों में कैदियों को बेड़ियों में जकड़ा हुआ और पिंजरेनुमा बाड़ों में दिखाया गया था. तस्‍वीरों के सामने आने के बाद दुनियाभर में इसकी निंदा हुई थी. एमनेस्टी इंटरनेशनल और रेड क्रॉस ने कैदियों से मानवीय व्यवहार की मांग की थी.

Jail बंद की तो होंगे ये फायदे

पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने ग्‍वांतानामो बे जेल को दुनिया की सबसे महंगी जेल करार दिया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां हर कैदी पर सालाना 9 लाख डॉलर यानी 5.6 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं. इसके अलावा पेंटागन इसके रखरखाव पर हर साल लगभग 9 अरब रुपये से ज्‍यादा खर्च करता है. ऐसे में यदि जो बाइडेन इस जेल को बंद करने का फैसला लेते हैं, तो अमेरिका को सीधे तौर पर दो फायदे होंगे. पहला, उसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से मुक्ति मिल जाएगी. जो जेल को लेकर लंबे समय से उस पर लगते रहे हैं और दूसरा कोरोना महामारी के चलते प्रभावित अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए उसके खजाने में अतिरिक्त पैसा आ जाएगा.

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